संजय राउत का आरोप, महाराष्ट्र सरकार को गिराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का किया जा रहा दुरुपयोग

रमाकांत वर्मा
ब्यूरो रिपोर्ट

मुंबई। शिवसेना सांसद संजय राउत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महा विकास आघाडी नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों को निशाना बनाकर सरकार को गिराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। राउत ने यहां दादर इलाके में शिवसेना भवन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गठबंधन इस तरह की दबाव की रणनीति के आगे नहीं झुकेगा। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके परिवार के खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। शिवसेना नेता ने दावा किया कि भाजपा के कुछ नेताओं ने उनसे पाला बदलने के लिए संपर्क किया था और चेतावनी दी थी कि ऐसा नहीं करने पर उन्हें कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘करीब 20 दिन पहले, भाजपा के कुछ वरिष्ठ लोग मुझसे मिले और मुझसे पाला बदलने को कहा। हम किसी भी तरह इस सरकार को गिराना चाहते हैं। हम या तो राष्ट्रपति शासन लगाएंगे या हम विधायकों के एक समूह को तोड़ कर सरकार बनाएंगे।’’ राउत ने कहा कि उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर वह नहीं झुकते हैं तो केंद्रीय एजेंसियां ​​उन्हें निशाना बनाएंगी।

राउत ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने राकांपा प्रमुख शरद पवार के रिश्तेदारों के करीबी लोगों के यहां छापेमारी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके तुरंत बाद, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उनके करीबी लोगों को ‘बहुत ही खराब तरीके से’ निशाना बनाने लगा। राउत ने कहा, ‘‘उद्धव ठाकरे नीत सरकार को गिराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन अगर आपको लगता है कि हम झुक जाएंगे तो यह संभव नहीं है। यह हमने दिवंगत बालासाहेब ठाकरे से सीखा है।’’ उन्होंने दावा किया कि ईडी उन लोगों से भी पूछताछ कर रही है जो उनकी बेटी की शादी में शामिल थे, चाहे वह फूलवाला हो, डेकोरेटर, ब्यूटीशियन और यहां तक ​​कि टेलर भी। उन्होंने कहा, ‘‘जिस दिन मुझे निशाना बनाया गया और मेरे करीबी लोगों के यहां छापे मारे गए, मैंने उस रात (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह को फोन किया। मैंने उनसे कहा कि मैं आपका सम्मान करता हूं… आप बड़े नेता और देश के गृह मंत्री हैं, लेकिन जो हो रहा है वह उचित नहीं है। अगर आपको मुझसे कोई दुश्मनी है तो मुझे निशाना बनाइए, मुझे प्रताड़ित करिए, वे (केंद्रीय एजेंसियां) मेरे मित्रों और रिश्तेदारों को क्यों निशाना बना रही हैं।’’

राज्यसभा सदस्य राउत ने दावा किया कि वे (ईडी) गठबंधन नेताओं के परिवार के सदस्यों को बदनाम करने के लिए उन्हें निशाना बना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और झारखंड में सरकार गिराने की साजिश चल रही है। राउत ने भाजपा नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया पर निशाना साधा जो सरकार, खासकर शिवसेना और राकांपा नेताओं पर हमले करते रहे हैं। सोमैया ने ठाकरे परिवार के खिलाफ बेनामी संपत्ति के आरोप भी लगाए थे। राउत ने सोमैया को आरोप साबित करने की चुनौती दी। कुछ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए राउत ने आरोप लगाया कि किरीट सोमैया के बेटे नील सोमैया पीएमसी बैंक घोटाला मामले में आरोपी राकेश वाधवान के कारोबारी सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में उचित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सभी दस्तावेज सौंपेंगे। किरीट सोमैया ने कहा कि 2017 में राउत, और सामना (मराठी दैनिक और शिवसेना का मुखपत्र) ने एक भवन निर्माण कंपनी का नाम लेकर उनकी पत्नी मेधा सोमैया को बदनाम करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, अब उन्होंने मेरे बेटेनील सोमैया का नाम लिया है। गठबंधन सरकार के नेताओं ने अब तक मेरे खिलाफ 10 मामले दर्ज किए हैं।’’ राउत के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उचित समय पर वह इसका जवाब देंगे। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता सुधीर मुंगटीवार का नाम लिए बिना राउत ने आरोप लगाया कि मुंबई में उनकी बेटी की शादी में 9.5 करोड़ रुपये का कालीन बिछाया गया था, क्या ईडी ने उसे नहीं देखा? मुंगटीवार ने राउत के दावे को खारिज कर दिया।

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