टिकट कटने के बाद झलक उठा हैदरगढ़ भाजपा विधायक बैजनाथ रावत का दर्द

दीक्षित को पार्टी विरोध से रोका! इसलिए काटा टिकट :बैजनाथ

पूर्व मंत्री व हैदरगढ़ के निवर्तमान विधायक बैजनाथ रावत के भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष से सवाल

निशाने पर रहे सुंदरलाल दीक्षित व हाल ही में सपा से आए भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी

नीरज शर्मा
ब्यूरो रिपोर्ट

बाराबंकी। जिला पंचायत एवं ब्लाक प्रमुख के चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के विरोध में काम कर रहे पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित को रोका! क्या पार्टी ने इसलिए मेरा टिकट काट दिया।वे कौन से कारण थे कि मेरा टिकट कटा? कुछ ऐसे ही लगभग 20 सवाल हैदरगढ़ के निवर्तमान विधायक पूर्व मंत्री बैजनाथ रावत ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजे गए पत्र में किए हैं। हालांकि श्री रावत ने पार्टी के साथ रहने की भी बात कही है। लेकिन फिर भी बैजनाथ रावत के इस फैसले से राजनीतिक सरगर्मी भाजपा के अंदर तेज हो गई है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में बैजनाथ रावत के दिल का दर्द छलक कर बाहर आ गया है। श्री रावत ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से सवाल किए हैं कि पूरे अयोध्या मंडल के जनपदों में 2017 के सभी हारे या जीते प्रत्याशियों को टिकट दिए गए। केवल मेरा टिकट किन परिस्थितियों में काटा गया। उन्होंने कहा कि मैंने विधानसभा 33000 मतों से जीती और लोकसभा के चुनाव में हैदरगढ़ से लोकसभा प्रत्याशी को 45000 मतों से जीत दिलाई।क्या इसलिए मेरा टिकट काटा गया। श्री रावत ने जेपी नड्डा से यह भी पूछा है कि क्या मैं दलित था इसलिए टिकट कटा या फिर मेरे ऊपर लेनदेन का कोई आरोप नहीं है। इसलिए टिकट काटा गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मेरी शैक्षिक योग्यता भी उत्कृष्ट है जबकि भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी की योग्यता क्या है?

पूर्व मंत्री ने कहा कि जिला पंचायत के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी नेहा आनंद का चुनाव प्रचार पूर्व भाजपा विधायक सुंदरलाल दीक्षित ने भाजपा प्रत्याशी के होते हुए भी खुलेआम किया। जो कि पार्टी विरोध था। मैंने उन्हें ऐसा करने से रोका क्या इसलिए टिकट काटा गया। बैजनाथ ने यह भी कहा कि ब्लाक प्रमुख त्रिवेदीगंज चुनाव में श्री दीक्षित ने भाजपा प्रत्याशी के विरुद्ध खुलकर काम किया। मैंने उन्हें रोका क्या इसलिए टिकट काटा गया? भाजपा विधायक ने कहा कि मैंने किसी भी पिछड़े अथवा सवर्ण के विरुद्ध हरिजन एक्ट नहीं लिखवाया। सबको साथ लेकर चला। फिर ऐसे कौन से कारण थे कि मेरा टिकट कटा। क्या मैं सर्वे में पीछे था। मेरे विरुद्ध पार्टी के कई लोगों ने कई बार सोशल मीडिया से लेकर मौखिक रूप से बहुत कुछ कहा। मैंने उसका विरोध नहीं किया। सबको साथ लेकर चलने का प्रयास किया ।उन्होंने कहा कि या फिर पूर्व सांसद प्रियंका रावत ने मेरा समर्थन किया इसलिए मेरा टिकट काटा गया।

श्री रावत ने कहा कि मैं पार्टी के संस्थापक सदस्य में से हूं। जबकि हाल ही में 6 महीने पहले आए सपा के व्यक्ति को ब्लाक प्रमुख एवं बाद में विधायक पद के प्रत्याशी के रूप में महिमामंडित कर दिया गया। यह किन कारणों से हुआ? क्या यह परिवारवाद नहीं है या फिर मैं भाजपा के बारे में कम जानता हूं और जल्दी सपा से आए हुए महोदय ज्यादा।

पूर्व मंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने लगभग 20 सवाल उठाकर फिलहाल भाजपा की राजनीति के अंदर हड़कंप मचा दिया है ।बैजनाथ रावत ने कहा कि पार्टी के निर्णय से मुझे कोई परेशानी नहीं है। लेकिन मेरे पेट्रोल पंप पर अधिकृत प्रत्याशी और पूर्व विधायक सुंदरलाल दीक्षित के रहते जमकर हंगामा किया गया। मेरा मुर्दाबाद लगाया गया। क्या इसे पार्टी ने संज्ञान में लिया। मुझसे पार्टी स्तर पर किसी ने संपर्क नहीं किया क्या यह आहत करने वाली बात नहीं है ।फिलहाल मुझे ऐसे सभी सवालों का जवाब तो जरूर चाहिए ? जिससे मुझमें कोई कमी हो तो उसे हम सुधार सके?

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