किसी भी दल के साथ नहीं गली चंद्रशेखर की दाल ! अकेले चुनाव लड़ेगी आजाद समाज पार्टी भी दल के साथ नहीं गली चंद्रशेखर की दाल ! अकेले चुनाव लड़ेगी आजाद समाज पार्टी

सपा क्या किसी भी दल के साथ नहीं गली चंद्रशेखर की दाल ! अकेले चुनाव लड़ेगी आजाद समाज पार्टीभीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनको 25 सीटों का वादा किया गया था। इसके अलावा उन्हें विधायक और मंत्री पद का भी ऑफर मिला लेकिन उन्होंने इसे नकार दिया। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी अब उन्हें 100 सीटें भी देती है तो वो उनके साथ नहीं जाएंगे।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल नए-नए समीकरण बनाने में जुटे हुए हैं। इसी बीच दलितों की बात करने वाले भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने साफ कर दिया कि उनका दल अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगा। दरअसल, समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की बात समाप्त हो जाने के बाद चंद्रशेखर ने यह फैसला किया है। खबर है कि चंद्रशेखर की कांग्रेस के साथ भी बात नहीं बनी है।

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भीम आर्मी चीफ ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनको 25 सीटों का वादा किया गया था। इसके अलावा उन्हें विधायक और मंत्री पद का भी ऑफर मिला लेकिन उन्होंने इसे नकार दिया। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी अब उन्हें 100 सीटें भी देती है तो वो उनके साथ नहीं जाएंगे। आपको बता दें कि चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी ने न सिर्फ समाजवादी पार्टी से बल्कि कांग्रेस और बसपा के साथ भी गठबंधन करने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें सभी जगह से झटका लगा है।

राजभर ने दिया था चौंकाने वाला बयान

सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने एक चैनल के साथ बातचीत में कहा था कि मैं चंद्रशेखर को कहीं नहीं जाने दूंगा। चाहे फिर मुझे अपने कोटे से ही उन्हें टिकट क्यों न देनी पड़े। माना जा रहा था कि अखिलेश यादव और चंद्रशेखर आजाद के बीच गठबंधन लगभग तय हो गया है और अखिलेश यादव ने उन्हें सहारनपुर समेत दो सीट देने वाले हैं। लेकिन फिर चंद्रशेखर आजाद का बयान सामने आया। जिसमें उन्होंने कहा था कि अंत में मुझे लगा कि अखिलेश यादव को दलितों की जरूरत नहीं है। वह इस गठबंधन में दलितों का प्रतिनिधित्व नहीं चाहते हैं।

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वहीं अखिलेश यादव ने कहा था कि मैं भाई (चंद्रशेखर आजाद) मानता हूं, जो बड़े उम्र वाले हैं उनको चाचा मानता हूं तो और क्या कहें हम। उन्होंने कहा था कि जहां तक चंद्रशेखर का सवाल है तो मैंने सीटें दी थीं और अगर वे भाई बनकर भी मदद करना चाहते हैं तो करें। अखिलेश यादव ने कहा था कि चंद्रशेखर ने पहले दो सीटें स्वीकार कर ली थी लेकिन बाद में कहा कि हमारे संगठन में इस पर सहमति नहीं बन पा रही है, इसमें सपा का क्या दोष है।

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